डांग (आहवा) 7 अप्रैल 2026 : राज्यभर में जहां स्थानीय स्वराज्य चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं डांग जिले के आहवा तालुका के कोटमदर गांव से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है।

गांव के ग्रामीणों ने विकास के मुद्दों को लेकर आगामी चुनाव का बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है।दरअसल, जाखाना गांव से कोटमदर को जोड़ने वाला रास्ता डुबाऊं नाले से होकर गुजरता है। सामान्य बारिश में ही यह नाला पानी से भर जाता है, जिसके कारण वाहन व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो जाती है।

इतना ही नहीं, पैदल चलने वाले लोगों के लिए भी यह रास्ता जान जोखिम में डालने जैसा बन जाता है।ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है।कोटमदर के पूर्व सरपंच गंगारामभाई बागुल ने बताया, “हमें पुल चाहिए… हम सालों से परेशानी झेल रहे हैं।

चुनाव के समय वादे किए जाते हैं, लेकिन काम नहीं होता।”इसी बीच गांव की जागरूक महिला कमलाबेन दौलतभाई महाला ने भी इस मुद्दे को लेकर नाराजगी जताई और जल्द समाधान की मांग की।नाराज ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक डुबाऊं नाले पर ऊंचा पुल नहीं बनाया जाएगा, तब तक वे मतदान नहीं करेंगे।एक तरफ सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर कोटमदर गांव का यह विरोध इन दावों पर सवाल खड़े करता है।अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और क्या ग्रामीणों का बहिष्कार का फैसला वापस लिया जाएगा या नहीं।https://youtu.be/IVmzm40nex0?si=2zb7QISYG_RKCdBA
