जांच किए बिना “स्वागत पोर्टल” पर आवेदन डिस्पोज करने का आरोप।

आहवा (डांग), 10 जून 2026 : डांग जिले में वर्ष 2020 से 2024 के दौरान जारी किए गए लगभग 80 से अधिक गैर-कृषि (NA) आदेशों में बड़े पैमाने पर शर्तों का उल्लंघन कर अवैध निर्माण किए जाने के गंभीर आरोपों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं शिकायतकर्ता मनीष करमशीभाई मारकणा ने गुजरात के मुख्यमंत्री को विस्तृत शिकायत भेजी है।शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने इस मामले में 30 अगस्त 2025 को जिला कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी तथा बाद में “जिला स्वागत शिकायत निवारण” कार्यक्रम के तहत भी आवेदन प्रस्तुत किया था। शिकायत के आधार पर कलेक्टर कार्यालय द्वारा जिला विकास अधिकारी (DDO) को जांच सौंपी गई थी। इसके बाद 12 जनवरी 2026 को सुबीर, वघई और आहवा के तालुका विकास अधिकारियों (TDO) को जांच के लिए लिखित निर्देश भी दिए गए थे।इसके बावजूद आज तक संबंधित स्थलों पर कोई ठोस प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कई स्थानों पर बिना आवश्यक अनुमति के बड़े रिसॉर्ट, होटल और गेमिंग ज़ोन बनाए गए हैं तथा उनमें व्यावसायिक गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जिला स्वागत कार्यक्रम में प्रस्तुत उनकी शिकायत पर वास्तविक जांच किए बिना तथा किसी प्रकार की प्रभावी कार्रवाई किए बिना आवेदन को ऑनलाइन पोर्टल पर “डिस्पोज” कर दिया गया। उन्होंने इसे शिकायत निवारण व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े करने वाला कदम बताया है।मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि शर्तों का उल्लंघन करने वाले सभी अवैध निर्माणों, रिसॉर्ट, होटलों और गेमिंग ज़ोन के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही बिना वैध अनुमति संचालित गतिविधियों को बंद कर संबंधित संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।इसके अतिरिक्त, शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जांच राज्य स्तर के किसी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष अधिकारी से कराने तथा जांच में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की है।शिकायतकर्ता ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार डांग जिले के इस गंभीर मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी और शिकायतकर्ता को न्याय दिलाएगी।

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