डांग 108 एम्बुलेंस टीम ने उमरपाड़ा में कराया सुरक्षित प्रसव
डांग/आहवा, 27 जुलाई 2026 : डांग 108 एम्बुलेंस टीम ने जिले के दुर्गम इलाके में समय पर आपातकालीन चिकित्सा सहायता पहुंचाकर मां और नवजात दोनों को सुरक्षित बचाने में सफलता हासिल की।समय पर मिली आपातकालीन चिकित्सा सहायता से मां और नवजात दोनों को सुरक्षित बचाने में सफलता मिली।प्राप्त जानकारी के अनुसार, आहवा-1 की 108 एम्बुलेंस सेवा में कार्यरत इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (EMT) छोटूभाई चौधरी और पायलट समीरभाई सैयद को उमरपाड़ा गांव की 18 वर्षीय सुरेखाबेन केसीराव बरडे को प्रसव पीड़ा होने की सूचना मिली।बताया गया कि सुरेखाबेन खेत में रोपाई का काम कर रही थीं, तभी अचानक उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। पूर्व में कराई गई सोनोग्राफी रिपोर्ट में बच्चे के गले में गर्भनाल फंसी होने की जानकारी सामने आई थी, जिससे स्थिति और भी संवेदनशील हो गई थी।झोपड़ी में ही कराना पड़ा प्रसवदुर्गम परिस्थिति को देखते हुए 108 टीम ने बिना समय गंवाए आवश्यक चिकित्सा प्रक्रिया शुरू की। अहमदाबाद हेड ऑफिस के ERCP डॉ. परमार के लगातार मार्गदर्शन में टीम ने मौके पर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया।ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन, आर.एल. फ्लूइड तथा मां और बच्चे को ऑक्सीजन सपोर्ट देते हुए टीम ने गांव की झोपड़ी में ही अत्यंत सावधानी और कुशलता के साथ प्रसव कराया। 108 टीम की तत्परता और चिकित्सा कौशल के चलते प्रसव सफल रहा और मां तथा नवजात दोनों को सुरक्षित रखा जा सका।मां और नवजात को आहवा सिविल अस्पताल पहुंचायाप्रसव के बाद मां और नवजात को प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद दोनों को आगे की चिकित्सा देखभाल के लिए आहवा सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया।108 एम्बुलेंस टीम की इस सराहनीय सेवा के लिए पीएम हेमंत सोलंकी तथा ईएमई अरविंद चौधरी ने टीम को बधाई देते हुए उनके कार्य की प्रशंसा की। उमरपाड़ा गांव के ग्रामीणों और महिला के परिजनों ने भी समय पर सहायता पहुंचाने के लिए 108 टीम का आभार व्यक्त किया।डांग जैसे पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में आपात स्थिति के दौरान 108 एम्बुलेंस सेवा की समय पर उपलब्धता कई परिवारों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही है।
दुर्गम क्षेत्रों में 108 एम्बुलेंस सेवा की महत्वपूर्ण भूमिकाडांग जिले का बड़ा हिस्सा पहाड़ी, वन क्षेत्र और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाला है। कई गांव मुख्य स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों से काफी दूरी पर स्थित हैं। ऐसे क्षेत्रों में अचानक स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति उत्पन्न होने पर समय पर चिकित्सा सहायता पहुंचाना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। ऐसे समय में डांग 108 एम्बुलेंस सेवा जरूरतमंद मरीजों और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बनती है।उमरपाड़ा गांव में सामने आई इस घटना में भी 108 एम्बुलेंस टीम ने परिस्थितियों की गंभीरता को समझते हुए तत्काल आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। प्रसव जैसी संवेदनशील स्थिति में प्रशिक्षित कर्मचारियों द्वारा समय पर निर्णय लेना और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराना मां तथा नवजात की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण रहा।
ग्रामीणों ने 108 टीम की सेवा को सराहादुर्गम इलाके में पहुंचकर चिकित्सा सहायता देने और सुरक्षित प्रसव कराने के बाद स्थानीय ग्रामीणों तथा महिला के परिजनों ने 108 एम्बुलेंस टीम की तत्परता और सेवाभाव की सराहना की। इस पूरी कार्रवाई में टीम ने उपलब्ध संसाधनों और चिकित्सकीय मार्गदर्शन के आधार पर आवश्यक देखभाल सुनिश्चित की।डांग जैसे आदिवासी और पहाड़ी जिले में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता विशेष महत्व रखती है। सड़क और भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कई बार मरीजों तक पहुंचने में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद 108 सेवा के कर्मचारी आपातकालीन कॉल मिलने पर मरीज तक पहुंचकर प्राथमिक चिकित्सा देने और जरूरत पड़ने पर अस्पताल पहुंचाने का कार्य करते हैं।इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि आपातकालीन परिस्थिति में समय पर चिकित्सा सहायता और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की मौजूदगी कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है। डांग 108 एम्बुलेंस टीम की इस कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि आपातकालीन परिस्थिति में समय पर चिकित्सा सहायता और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की मौजूदगी कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है। डांग 108 एम्बुलेंस टीम की इस कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना की जा रही है।आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी अधिक जानकारी गुजरात सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर प्राप्त की जा सकती है।
https://gujhealth.gujarat.gov.in/emri108-guj.htm
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