आहवा (डांग) : डांग जिले के वासुर्णा स्थित तेजस्विनी संस्कृतिधाम में तेजस्विनी संस्कृति परिवार एवं धन्वंतरी आरोग्य मंडल के संयुक्त तत्वावधान में चैत माह के अवसर पर तीन दिवसीय ‘धन्वंतरी आरोग्य चिंतन शिविर’ का सफल आयोजन किया गया।

इस शिविर में पूरे गुजरात से आयुर्वेद, होम्योपैथी, फार्मास्यूटिकल और फिजियोथेरेपी क्षेत्र के डॉक्टर, शिक्षक एवं उद्योगपति अपने परिवार सहित शामिल हुए। शिविर के दौरान योग, आयुर्वेद, अध्यात्म, ध्यान तथा ट्रेकिंग के माध्यम से वनस्पति अध्ययन जैसी गतिविधियाँ आयोजित की गईं।शिविर में शारीरिक, मानसिक और आत्मिक रोगों के समाधान, सामाजिक समस्याओं के निराकरण तथा सनातन धार्मिक उत्सवों पर गहन चिंतन किया गया।

इसके अलावा बाल संस्कार पर विशेष ध्यान देते हुए बाल गीतों एवं सनातन संस्कृति पर भी चर्चा की गई।जीवन के विभिन्न चरणों—बचपन, युवावस्था और वृद्धावस्था—में आहार, विहार, विचार, व्यवहार और अग्निहोत्र के महत्व पर खुलकर विचार-विमर्श किया गया।कार्यक्रम के मुख्य आयोजक एवं प्रेरणास्त्रोत डॉ. नाकराणी रहे। मुख्य मार्गदर्शक एवं वक्ता के रूप में ब्रह्मवादिनी पूज्य हेतल दीदी, गौतमभाई सखिया एवं डॉ. भारतीबेन ने अपने विचार प्रस्तुत किए।

इस अवसर पर आचार्य डॉ. केतनदादा, चेतनाबेन, जयालक्ष्मीबेन एवं धनसुखभाई द्वारा आदिवासी कन्या पूजन का आयोजन भी किया गया।कार्यक्रम का संचालन गोपेशभाई द्वारा किया गया। शिविर की सफलता में चित्राबेन, ओमभाई, डॉ. रूनालीबेन, सुरेशभाई एवं धनसुखभाई सहित अन्य कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
