पहली ही नेशनल प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर रचा इतिहास, ओलंपियन रीना कुमारी से ली ट्रेनिंग; सितंबर 2026 में असम राइफल्स से जुड़ेंगी हेत्वी।
तापी, 21 अगस्त : तापी जिले के व्यारा तालुका के उंचामाला गांव की बेटी हेत्वी चौधरी ने अपनी मेहनत, लगन और शानदार खेल प्रतिभा के दम पर जिले और गुजरात का नाम रोशन किया है। तीरंदाजी के क्षेत्र में कई राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय उपलब्धियां हासिल करने के बाद अब हेत्वी का चयन स्पोर्ट्स कोटा के तहत असम राइफल्स में हुआ है। वह सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में असम राइफल्स से जुड़ेंगी।
कक्षा 6 से शुरू हुआ तीरंदाजी का सफर
हेत्वी ने कक्षा 6 में पढ़ाई के दौरान बोडेली में तीरंदाजी का प्रशिक्षण शुरू किया था। मैदान पर तीरंदाजी का अभ्यास कर रहे कोच मुक़ेशभाई राठवा को देखकर उनके मन में भी इस खेल को सीखने की इच्छा जागी। पिता और कोच के प्रोत्साहन से शुरू हुई यह यात्रा आज देशसेवा के मुकाम तक पहुंच गई है।लगातार मेहनत और अभ्यास के परिणामस्वरूप हेत्वी ने अपनी पहली ही नेशनल तीरंदाजी प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल हासिल किया।
नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए चयन
इसके बाद हेत्वी का चयन नडियाद की आर्चरी एकेडमी में हुआ, जहां उन्होंने करीब तीन वर्षों तक सघन प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद हरियाणा में आयोजित नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के चयन ट्रायल में उन्होंने हिस्सा लिया और टॉप-4 में जगह बनाई।नवंबर 2021 में चयन प्रक्रिया के बाद गुजरात से नेशनल सेंटर के लिए चयनित होने वाली पहली खिलाड़ियों में हेत्वी ने स्थान बनाया और कोलकाता स्थित सेंटर में तीन वर्षों तक उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त किया।
ओलंपियन रीना कुमारी से मिली ट्रेनिंग
कोलकाता में हेत्वी को ओलंपियन रीना कुमारी से प्रशिक्षण लेने का अवसर मिला। इस प्रशिक्षण से उनकी खेल क्षमता में और निखार आया। उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में कई पदक हासिल किए।हेत्वी ने 2023 की नेशनल रैंकिंग आर्चरी प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल और 2024 की फाइनल खेलो इंडिया NTPC नेशनल रैंकिंग प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। इसके अलावा उन्होंने कई प्रतियोगिताओं में टॉप-6 में स्थान प्राप्त किया।
दक्षिण कोरिया में विशेष प्रशिक्षण
हेत्वी की प्रतिभा को देखते हुए इंडियन आर्चरी की ओर से उन्हें दक्षिण कोरिया में 11 दिनों की विशेष आर्चरी ट्रेनिंग के लिए भेजा गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस ट्रेनिंग और अनुभव से उनके खेल में और अधिक निखार आया।
अब खेल के साथ देशसेवा का लक्ष्य
राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली हेत्वी का चयन अब स्पोर्ट्स कोटा के तहत असम राइफल्स में हुआ है। सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में वह असम राइफल्स से जुड़ेंगी।हेत्वी का कहना है कि अब तक वह खेल के मैदान में देश का नाम रोशन करने के लिए खेलती थीं, लेकिन अब उन्हें देश की सेवा और सुरक्षा में योगदान देने का अवसर मिला है। यह उनके लिए गर्व का क्षण है।हेत्वी चौधरी की सफलता यह संदेश देती है कि प्रतिभा, सही मार्गदर्शन, परिवार का सहयोग और निरंतर मेहनत से गांव की बेटियां भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं और देशसेवा के बड़े मुकाम तक पहुंच सकती हैं।हेत्वी की इस उपलब्धि पर उनके पिता मुक़ेशभाई चौधरी, परिवार, कोच और उंचामाला गांव के ग्रामीणों में खुशी और गर्व का माहौल है। तापी जिला प्रशासन एवं खेल विभाग की ओर से भी हेत्वी को उनकी उपलब्धि पर शुभकामनाएं दी गई हैं।डांग दर्शन न्यूज़ की ओर से भी तापी की बेटी हेत्वी चौधरी को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं।

