डांग: 29 अक्टूबर 2025 : गुजरात के एकमात्र हिल स्टेशन सापुतारा समेत पूरे दक्षिण गुजरात के साथ डांग जिले में भी पिछले तीन दिनों से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मानसून की विदाई के बाद जहां पूरे डांग जिले में आमतौर पर शुष्क मौसम रहता है, वहीं मेघराजा ने लगातार तीसरे दिन डांग जिले में अनियमित उपस्थिति दर्ज कराई है। और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश हो रही है।
इस माहौल ने जहां एक ओर प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों में खुशी का माहौल बनाया है। वहीं दूसरी ओर किसानों की तैयार फसलों को नुकसान की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।

पिछले तीन दिनों से पूरे दक्षिण गुजरात के साथ डांग जिले में बादल छाए रहने और दोपहर से सारी रात तक हल्की बारिश होने के बाद पूरे डांग जिले में हुई बारिश से वातावरण में ठंडक घुल गई है। और खूबसूरत हरियाली और खिल उठी है।
लेकिन डांग ज़िले के किसानों का मुख्य व्यवसाय पूरी तरह से मानसून आधारित कृषि है। इसलिए इस बेमौसम बारिश से धरतीपुत्रों की हालत दयनीय हो गई है। डांग ज़िले की मुख्य फ़सल धान है। और इस समय ज़्यादातर खेतों में धान की फ़सल पककर तैयार हो चुकी है। और कटाई का काम शुरू होने वाला है। वहीं इस बेमौसम बारिश के कारण धान, नागली और वरई जैसी फ़सलें कटाई से पहले ही ज़मीन पर गिर जाने की आशंका है।
तब उस समय कुछ किसान अपनी धान की फ़सल काट चुके थे। जबकि जिन लोगों ने धान और दलहन जैसी फ़सलें काट ली हैं। उन्हें खेतों में सूखने के लिए छोड़ दिया गया था। ऐसी सभी फ़सलें इस बेमौसम बारिश में भीग गईं। और ख़बरें हैं कि नमी के कारण उनकी काफ़ी फ़सलें बर्बाद हो गई हैं। और उन्हें काफ़ी नुकसान हुआ है।
और अगर यह बारिश लंबे समय तक ऐसे ही जारी रही तो पूरे साल की मेहनत पर पानी फिर जाएगा और भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों की मांग है कि राज्य सरकार तुरंत इस नुकसान का सर्वेक्षण करे और मुआवज़ा दे।
वहाँ के किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ़ दिखाई दे रही हैं।

इस बेमौसम बारिश के कारण डांग ज़िले के किसानों को हुए नुकसान के बारे में पता चला है कि स्थानीय वलसाड डांग सांसद धवल पटेल ने गुजरात सरकार के कैबिनेट कृषि मंत्री जीतूभाई वाघानी से यहाँ के किसानों को धान की फसल के नुकसान के लिए राहत सहायता प्रदान करने की सिफ़ारिश की है।
और बताया गया है कि पूरे डांग और वलसाड लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न तालुकों में बेमौसम बारिश के कारण धान की फसल भीगने से किसानों को काफ़ी नुकसान हुआ है। इसलिए सांसद धवल पटेल ने जीतूभाई वाघानी को पत्र लिखकर प्रभावित किसानों को हुए नुकसान के आधार पर उचित आर्थिक सहायता और राहत पैकेज की घोषणा करने की माँग की है।
