डांग : 4 नवम्बर 2025 : ब्रह्मवादी प. हेतल दीदी के सानिध्य में, डांग जिले के आहवा तालुका के वसुरना स्थित तेजस्विनी संस्कृति धाम में सामाजिक स्वास्थ्य, संघर्ष-मुक्त स्वस्थ तन-मन के साथ सनातन संस्कृति का सामंजस्य बनाए रखने के उद्देश्य से तीन दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। इसमें गुजरात भर से मातृशक्ति सहित लगभग 80 भाई-बहनों ने भाग लिया। इस दौरान तन-मन को नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करने हेतु उपयुक्त कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें प्रातः योग, प्राणायाम, दिन में संवाद, चर्चा और प्रेरक भाषण तथा रात्रि में निजानंद सत्र शामिल थे।कार्यक्रम के अंतर्गत, आदिवासी, ग्रामीण एवं वन क्षेत्रों में उपेक्षित परिवारों से घर-घर जाकर मिलना, उन्हें स्वस्थ जीवनशैली, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती, सरकारी योजनाओं में सहभागिता, कुटुंब प्रबोधन, माता-पिता, गुरुजनों, शास्त्र एवं सत्संग को जीवन विकास में भागीदार बनाने का प्रयास, तथा आर्थिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक उन्नति जैसे विषयों पर चिंतन एवं मनन करके लोगों को योगी, उपयोगी, उद्योगपति एवं भागीदार कैसे बनाया जाए, इस पर गहन चर्चा हुई।
इस कार्यक्रम में राज्य स्तर के विभिन्न विशेषज्ञों जैसे आचार्य श्री धर्मेशभाई मेहता, श्री रामानंदजी, श्री धर्मेंद्रभाई राणा, बहन रत्नाजी, श्री भाईकू भाई, श्री गोपालभाई शाह, श्री धर्मेंद्रसिंह राठौड़, श्री प.पू. स्वामीजी, ब्रह्मवादी पूज्य हेतल दीदीजी, पू. यशोदा दीदी ने गहन चिंतन, मनन एवं संवाद के माध्यम से विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिए।
सर्वश्री धनसुखभाई, भाईकू भाई, अश्विन भाई, प्रवीणभाई, किरणभाई, जैस्मीनबेन, प्रीतिबेन, दिग्विजय सिंह और तेजस्विनी सांस्कृतिक धाम परिवार, वसुर्ना ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए भरपूर प्रयास किये।
