डांग : डांग जिले में ग्राम पंचायत तथा तालुका/जिला पंचायत के अंतर्गत संचालित मनरेगा योजना के पिछले चार वर्षों से लेकर वर्तमान समय तक किए गए कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है।

आरोप है कि जिन कार्यों को नियम अनुसार श्रमिकों द्वारा कराया जाना था, वे कार्य ठेकेदारी पद्धति तथा यांत्रिक मशीनों के माध्यम से कराए गए।जानकारी के अनुसार यह केवल प्रक्रिया संबंधी उल्लंघन नहीं, बल्कि संभावित आर्थिक अनियमितता का भी गंभीर मामला हो सकता है। इस संबंध में डांग जिले के एक जागरूक व्यक्ति द्वारा औपचारिक रूप से विजिलेंस जांच की मांग उठाई गई है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इस कथित भ्रष्टाचार में जिले के कुछ उच्च अधिकारी तथा स्थानीय स्तर पर निर्वाचित प्रतिनिधि—ग्राम पंचायत, तालुका पंचायत और जिला पंचायत के सदस्य—भी संलिप्त हो सकते हैं। फरियादी ने सभी आवश्यक दस्तावेज़ों और प्रमाणों के साथ शिकायत की प्रतियां Central Vigilance Commission, नई दिल्ली, विपक्ष के नेता तथा अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं को भी भेजने की तैयारी की है, ताकि मामले पर गंभीरता से संज्ञान लिया जा सके और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो।

जिले में इस प्रकरण को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। यह भी माना जा रहा है कि यदि जांच में आरोप सिद्ध होते हैं, तो आगामी जिला एवं तालुका पंचायत चुनावों में चुनाव लड़ने वाले संभावित उम्मीदवारों के लिए यह मामला गंभीर राजनीतिक संकट साबित हो सकता है। फिलहाल जिले की जनता निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग कर रही है।

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