डांग: 9 नवंबर 2025: डांग ज़िले के गरीब आदिवासी किसानों की गाढ़ी कमाई का फायदा उठाने वाला एक संगठन अब मुकर गया है। ‘जेरिको यूनिवर्सल वर्ल्ड’ नामक एक कथित संस्था ने सरकारी सब्सिडी और कृषि उपकरणों का लालच देकर आहवा में एक कार्यालय खोला, किसानों से पैसे वसूले और शटर बंद करके गायब हो गई, जिससे किसानों में भारी रोष और निराशा है।
इस पूरे मामले में आहवा पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।
डांग ज़िले के मुख्यालय आहवा में गरीब और भोले-भाले आदिवासी किसानों को ठगने का एक नया और चौंकाने वाला धंधा सामने आया है, जहाँ कलेक्टर कार्यालय, ज़िला विकास अधिकारी कार्यालय और ज़िला पुलिस प्रमुख कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय स्थित हैं, जिनमें कृषि, बागवानी और आत्मा कार्यालय भी शामिल हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाल ही में “जेरिको यूनिवर्सल वर्ल्ड” नामक एक संस्था ने आहवा की एक निजी दुकान में अपना एक शानदार कार्यालय खोला था। इस संस्था ने डांग के आदिवासी किसानों को कृषि में उपयोगी मशीनरी, बीज और अन्य उपकरणों पर सरकारी सब्सिडी और सहायता का लालच दिया था। इस धोखेबाज संस्था ने किसानों का विश्वास जीतने के लिए एक स्थानीय व्यक्ति को ‘पर्यवेक्षक’ भी नियुक्त किया था। बड़ी सब्सिडी दिलाने का वादा करके, किसानों से आवेदन शुल्क या अन्य शुल्क के नाम पर रसीदें देकर पैसे वसूले गए। रियायती दर पर कृषि उपकरण पाने की उम्मीद में, डांग के गरीब आदिवासी किसानों ने उधार या मेहनत से कमाए पैसे इस संस्था में जमा किए थे। पैसे वसूलने के कुछ समय बाद ही इस धोखेबाज संस्था ने अचानक अपना कार्यालय बंद कर दिया। किसानों को किसी भी प्रकार की सहायता, सब्सिडी या मशीनरी उपलब्ध नहीं कराई गई। जब किसानों ने संस्था से संपर्क करने की कोशिश की, तो वह बंद मिली, और जिम्मेदार प्रबंधक और पर्यवेक्षक भी गायब थे। अब किसानों के रोने की बारी है क्योंकि उन्हें एहसास हुआ है कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जहां जिले का पूरा तंत्र सुसज्जित है, वहां आहवा जैसे मुख्यालय में सब्सिडी के नाम पर एक फर्जी संस्था द्वारा भोले-भाले किसानों को ठगने का धंधा शुरू करना चौंकाने वाली बात कही जा सकती है। इसलिए पूरे घोटाले की तुरंत जांच शुरू की जानी चाहिए और संस्था के सभी दस्तावेजों और बैंक लेनदेन का सत्यापन किया जाना चाहिए और जिम्मेदार धोखेबाज प्रबंधकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। डांग के किसानों ने इस पूरे मामले में आहवा थाने में लिखित शिकायत दी है। यह घटना कृषि अधिकारी, जिला विकास अधिकारी और पुलिस व्यवस्था के लिए चेतावनी का मामला बन गई है। आदिवासी किसानों के विश्वास की रक्षा के लिए प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेने और भविष्य में इस तरह के घोटाले को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन गरीब आदिवासी किसानों को ठगने वाले इस आकर्षक संस्था के घोटालेबाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा और उन्हें न्याय दिलाएगा। यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Language