आहवा (डांग) – डांग जिले में आगामी डांग दरबार के आयोजन को लेकर एक बार फिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी डांग दरबार के दौरान आहवा के फुवारा सर्कल से डांग स्वराज आश्रम मार्ग को आहवा सिविल अस्पताल, आहवा–सापुतारा मार्ग, आहवा–चिंचली और आहवा–नवापुर जैसे मुख्य मार्गों पर आवागमन के लिए खुला रखा जाता रहा है।
लेकिन इस बार डांग प्रशासन द्वारा फुवारा सर्कल से आश्रम मार्ग की ओर लगभग 50 मीटर के हिस्से में व्यापारियों को दुकान प्लॉट आवंटित किए जाने की जानकारी सामने आ रही है। इस निर्णय को लेकर स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों में गंभीर चिंता और चर्चा का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस महत्वपूर्ण मार्ग पर दुकानों के प्लॉट खड़े कर दिए जाते हैं, तो डांग दरबार जैसे विशाल आयोजन के दौरान भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। यह मार्ग आहवा सिविल अस्पताल सहित कई प्रमुख संपर्क मार्गों को जोड़ता है। ऐसे में आपातकालीन सेवाओं, एंबुलेंस तथा अन्य आवश्यक वाहनों की आवाजाही बाधित होने का खतरा बढ़ सकता है।
नागरिकों द्वारा यह भी प्रश्न उठाया जा रहा है कि यदि ट्रैफिक अव्यवस्था के कारण कोई दुर्घटना या अप्रिय घटना घटित होती है, तो उसकी पूर्ण जिम्मेदारी क्या डांग प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं अपने ऊपर लेंगे?
डांग दरबार जैसे पारंपरिक और सांस्कृतिक महत्व के आयोजन में प्रशासन से अपेक्षा की जाती है कि वह सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और आमजन की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे। ऐसे में मुख्य आवागमन मार्ग पर प्लॉट आवंटन का निर्णय क्या जनहित में है – यह एक बड़ा सवाल बनकर सामने आया है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए तथा डांग दरबार के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक और सुरक्षित योजना बनाई जाए।
अब देखना यह है कि प्रशासन जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे पर क्या कदम उठाता है।
