डांग : डांग जिले के आहवा तालुका अंतर्गत बर्म्यावड गांव की प्राथमिक शाला में एक शिक्षक की पुनः नियुक्ति को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों का आक्रोश लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। नाराज अभिभावकों ने स्कूल में ताला लगाकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया, जिससे शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गईं।प्राप्त जानकारी के अनुसार विवाद का केंद्र शिक्षक मधुकर रामजीभाई राठोड की पुनः उसी विद्यालय में नियुक्ति है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 में उक्त शिक्षक के खिलाफ छात्रावास की एक बच्ची से दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था, जिसमें POCSO एक्ट के तहत गंभीर अपराध पंजीबद्ध हुआ था। मामले में जेलवास के बाद अदालत द्वारा निर्दोष घोषित किए जाने पर शिक्षा विभाग ने उन्हें पुनः बर्म्यावड प्राथमिक विद्यालय में कार्यभार सौंपने का आदेश दिया है।इस निर्णय से नाराज ग्रामीणों, महिलाओं तथा स्कूल की एस.एम.सी. (SMC) समिति ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि जब तक संबंधित शिक्षक का अन्यत्र स्थानांतरण नहीं किया जाता, तब तक वे अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। विरोध के दौरान स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारे लगाए गए।ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित शिक्षक पूर्व में शराब की लत, जुआ-सट्टा खेलने तथा विद्यालय की ग्रांट से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं जैसे मामलों में भी विवादित रहे हैं। अभिभावकों की सबसे बड़ी चिंता अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर है। उनका कहना है कि ऐसे विवादास्पद पृष्ठभूमि वाले शिक्षक की उपस्थिति में बच्चों की सुरक्षा और भविष्य दोनों खतरे में पड़ सकते हैं।इस संबंध में 50 से अधिक अभिभावकों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं होने से ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। फिलहाल बर्म्यावड प्राथमिक शाला में सन्नाटा पसरा हुआ है और यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन के और उग्र होने की संभावना जताई जा रही है।
