डांग : डांग जिले के आहवा तालुका अंतर्गत बरम्यावड गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय के नवनिर्मित भवन और कंपाउंड वॉल के निर्माण में गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। घटिया गुणवत्ता के निर्माण के कारण स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय के भवन का पहला स्लैब अत्यंत कमजोर है और कभी भी गिरने की आशंका बनी हुई है। स्लैब के बीम में अभी से बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई दे रही हैं, जिससे पूरे ढांचे की मजबूती पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब ग्रामीणों ने बीम पर साधारण सरिया से प्रहार किया, जिससे कंक्रीट के टुकड़े झड़ने लगे और अंदर का स्टील बाहर दिखाई देने लगा।ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा घटिया किस्म का सीमेंट उपयोग किया गया तथा रेत के स्थान पर केवल ग्रिट का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा कंक्रीट के बाद आवश्यक क्योरिंग प्रक्रिया में भी लापरवाही बरती गई। स्लैब के नम हो जाने की घटना ने सरकार द्वारा खर्च किए गए करोड़ों रुपये के इस प्रोजेक्ट की गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।इस पूरे मामले में एस.एस.ए. (SSA) विभाग के इंजीनियर की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। उचित सुपरविजन के अभाव में ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत की चर्चाएं तेज हो गई हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि इस भवन का उद्घाटन कर दिया गया और भविष्य में कोई हादसा हुआ, तो मासूम बच्चों की जान खतरे में पड़ सकती है।ग्रामीणों ने मांग की है कि तत्काल प्रभाव से भवन का लैब टेस्ट कराया जाए, दोषी ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाए तथा इस खतरनाक निर्माण को हटाकर गुणवत्तापूर्ण और मजबूत विद्यालय भवन का पुनः निर्माण किया जाए।बॉक्स – 1 :डांग जिले के नायब जिला विकास अधिकारी एच.बी. पटेल ने कहा कि यदि ठेकेदार द्वारा घटिया निर्माण किया गया है तो इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आदिवासी बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाली एजेंसी के खिलाफ तत्काल जांच के आदेश दिए गए हैं।बॉक्स – 2 :डांग जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी विजयभाई देशमुख ने बताया कि टी.पी.ओ. सहित एस.एस.ए. विभाग के कर्मचारियों को जांच के लिए भेजा गया है। यदि निर्माण में खामियां पाई जाती हैं तो संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। बच्चों की बुनियादी सुविधाओं से समझौता करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

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