डांग : डांग जिले के चिंचेली गांव में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर डांगी रीति-रिवाजों एवं सांस्कृतिक भक्ति गीतों के साथ पर्व महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। पारंपरिक ढाक–मावली के मधुर तालों के बीच श्रद्धा और उत्साह से सराबोर वातावरण में पूरे गांव ने उत्सव मनाया।गांव के ऐतिहासिक शिव मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर पूजा-अर्चना की तथा भजन-कीर्तन के माध्यम से भगवान शिव की आराधना की। ग्रामीणों के अनुसार, इस मंदिर की स्थापना वर्ष 1818 में अहिल्याबाई होल्कर के कालखंड में की गई थी। ऐतिहासिक महत्व के इस मंदिर में प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।इस वर्ष भी विभिन्न भजन मंडलियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पूरी रात भक्तिमय वातावरण बना रहा। ढाक–मावली की पारंपरिक धुनों ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ते हुए श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति कराई।इस अवसर पर आहवा तालुका पंचायत के प्रमुख सुरेशभाई चौधरी, उनके साथ अन्य राजनीतिक कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में ग्रामजन उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर महाशिवरात्रि पर्व को श्रद्धा, उल्लास और सामाजिक एकता के संदेश के साथ मनाया।शांति, सौहार्द और धार्मिक आस्था के साथ संपन्न इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया।
