डांग : डांग जिले के आहवा तहसील अंतर्गत गोटियामाल गांव में पिछले दो महीनों से दहशत का कारण बनी तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गई है। तेंदुआ पकड़े जाने से गांव और आसपास के क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।डांग जिले के दक्षिण वन विभाग के अंतर्गत शाममगहान रेंज के गोटियामाल गांव व आसपास के इलाकों में तेंदुआ लगातार दिखाई दे रही थी। जानकारी के अनुसार इस हिंसक जानवर ने अब तक गांव के तीन बकरों और 40 से अधिक मुर्गियों का शिकार कर पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया था। रात के समय तेंदुआ के रिहायशी इलाके में घूमने से ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया था और लोग रात में घर से बाहर निकलने से कतराने लगे थे।ग्रामीणों की शिकायत और तेंदुआ के लगातार हमलों को गंभीरता से लेते हुए दक्षिण वन विभाग हरकत में आया। डीसीएफ नीरजकुमार के मार्गदर्शन में श्यामगहान रेंज के आरएफओ चिरागभाई माछी और उनकी टीम ने तेंदुआ को पकड़ने की रणनीति बनाई। तेंदुआ की आवाजाही वाले रास्ते पर वन विभाग द्वारा चारे के साथ पिंजरा लगाया गया था।बीती रात भोजन की तलाश में निकली तेंदुआ पिंजरे में फंस गई। सुबह इसकी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण तेंदुआ को देखने के लिए मौके पर पहुंच गए। वन विभाग की टीम द्वारा तेंदुआ का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। फिलहाल उसे मानव बस्ती से दूर सुरक्षित और घने जंगल क्षेत्र में छोड़ने की तैयारी की जा रही है।तेंदुआ के पकड़े जाने पर वन विभाग की तत्पर कार्रवाई की ग्रामीणों ने सराहना की है।
